अज्ञात वास
परिभाषा दे दूं अज्ञात की में आज
होता है जिसमें प्रभु का वास
रचना करके परिभाषा दूं अज्ञात
होता है महासागर इस अज्ञात में आज
छिपा है सृष्टि का अनंत सार अज्ञात में आज
बना देता है बेनूर को नूर अज्ञात यह आज
कर लेता है इस अज्ञात की प्राप्ति जो आज
हो जाता है उसे आत्म साक्षात्कार आज
Gunjan Kamal
12-Sep-2023 04:43 PM
👏👌
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